पशु- कल्याण (ए डब्ल्यू)

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जानवरों पर प्रयोगों के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के उद्देश्य के लिए समिति (सीपीसीएसईए)

वर्ष 1982 में यथासंशोधित पशु क्रूरता निवारण (पीसीए) अधिनियम, 1960 का लक्ष्य पशुओं को अनावश्यक दर्द या पीड़ा दिये जाने को रोकना है । केंद्र सरकार ने पशुओं पर प्रयोगों के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के प्रयोजन हेतु समिति (सीपीसीएसईए) गठित की है, जिसका उत्तरदायित्व यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना है किपशुओं पर किए जाने वाले प्रयोगों से पहले, उनके दौरान या बाद में उन्हें अनावश्यक दर्द या पीड़ा न हो। इस प्रयोजन से, सरकार ने पशुओं पर किये जाने वाले प्रयोगों को विनियमित करने के लिए “पशुओं का प्रजनन और उन पर प्रयोग (नियंत्रण और पर्यवेक्षण) नियम, 1998” बनाया है जिसे वर्ष 2001 और 2006 में संशोधित किया गया है।

सीपीसीएसईए के कार्य 

पशुओं से संबंधित अनुसंधान या शिक्षण कार्य करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के लिए, सीपीसीएसईए द्वारा निर्धारित विभिन्न दिशानिर्देशों, मानदंडों और शर्तों का अनुपालन करना आवश्यक है।

  1. सीपीसीएसईए के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं —
  2. पशुओं पर प्रयोग या पशुओं का प्रजनन करने वाले प्रतिष्ठानों का इस प्रयोजनार्थ पंजीकरण करना।
  3. पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संस्थागत पशु नैतिकता समितियों में नामांकित किये जाने वाले व्यक्तियों का चयन और नियुक्ति करना।
  4. सीपीसीएसईए द्वारा किए गए निरीक्षणों की रिर्पोटों के आधार पर पशुशाला सुविधाओं को अनुमोदित करना।
  5. पशुओं पर प्रयोग करने के लिए अनुमति देना।
  6. प्रयोग करने के लिए पशुओं के आयात की अनुशंसा करना।
  7. किसी विधिक मानदण्ड/शर्त के उल्लंघन की स्थितिमें प्रतिष्ठानों के विरूद्ध कार्रवाई करना ।