पर्यावरणीय सूचना (ईआई)

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भारत राज्य स्तरीय बुनियादी पर्यावरणीय सूचना डाटाबेस (आईएसबीईआईडी)

पर्यावरण एवं इससे संबंधित पैरामीटरों पर डाटाबेस विकसित करने तथा सूचना के आॅनलाइन आदान-प्रदान को संभव बनाने के लिए एनआईसी के साथ मिलकर इस प्रभाग द्वारा एक वेब समर्थित अप्लीकेशन अर्थात भारतीय राज्य स्तरीय बुनियादी पर्यावरणीय सूचना डाटाबेस (आईएसबीईआईडी) विकसित किया जा रहा है। आईएसबीईआईडी का विशिष्ट उद्देश्य एक केंद्रीकृत सर्वर पर सूचना के संग्रहण, संकलन एवं प्रचार-प्रसार के लिए तथा पर्यावरणीय डाटा प्रसार में उनके अंतराल को पाटने के लिए राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा प्रचालित एनविस केंद्रों की सहायता करना है। शुरू में 23 प्रस्तावित मॉडयूलों में से 6 मॉडयूलों के साथ दो राज्यों (ओडिशा एवं मध्य प्रदेश) के लिए एक प्रायोगिक परियोजना शुरू की गई। आगे चलकर 6 अतिरित्त मॉडयूलों के साथ 7 और राज्यों में इसका विस्तार किया गया। इसके परिणामों के आधार पर एनविस केन्द्रों के साथ विचार-विमर्श करके 23 मॉडयूलों को 17 तक लाने तथा सभी राज्यों संघ शासित क्षेत्रों तक आईएसबीईआईडी का विस्तार करने का निर्णय लिया गया।

आईएसबीईआईडी अप्लीकेशन के दो घटक हैं अर्थात प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) जिन्हें एनविस के मुख्य केंद्र के सहयोग से एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है। एमआईएस घटक के मुख्य उद्देश्य : (क) प्रयोत्ताओं को एक ही जगह पर सूचना स्रोत उपलब्ध कराना, (ख) उन्नत खोज एवं फिल्टर के साथ अपनी रिपॉजिटरी से प्रश्नोत्तर डाटा, (ग) डाटा देखने के लिए चार्ट एवं ग्राफ तैयार करना और (घ) प्रयोत्ताओं द्वारा प्रयोग के लिए पीडीएफ एवं एक्सएलएस प्रारूप में सांख्यिकीय सारणी प्रदान करना हैं। जीआईएस मॉडयूल के उद्देश्य : (क) इंटरनेट आधारित जीआईएस अप्लीकेशन, जूम इन/आउट, पैन, प्रिंट, माप आदि जैसे हैंडलिंग प्रचालन में सक्षम अंत:क्रियात्मक मानचित्र प्रदान करना और (ख) नदी, रेलवे लाइन, सड़क, राष्ट्रीय पार्कों, रिजर्व आदि जैसे लेयर के साथ गतिशील मानचित्रों पर अंत:क्रियात्मक रूप से आईएसबीईआईडी की क्वैरी को समर्थ बनाना हैं । नई दिल्ली में 18 से 19 फरवरी, 2013 को आईएसबीईआईडी एवं एनविस नेटवर्क की वेबसाइटों पर एक अन्य प्रयोत्ता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एनविस नेटवर्क के विभिन्न पर्यावरणीय डाटाबेसों की इंटरलिंकिंग एवं एकीकरण पर विचार-विमर्श किया गया। आधुनिक प्रौद्योगिकियों को ध्यान में रखते हुए आईएसबीईआईडी अप्लीकेशन के लिए एक नया प्रयोत्ता इंटरफेस भी शुरू किया गया है जो होम पेज पर उपलब्ध मानचित्रों तक गतिशील अक्सेस एवं अंत:क्रियात्मक पूछताछ एवं इसके डाटाबेस का प्रयोग करके अनुकूल सारांश रिपोर्ट के सृजन को समर्थ बनाएगा। यह पाया गया कि 23 राज्यों के एनविस केन्द्र, आंकडों को 17 मॉडयूलों में प्रविष्ट करने के स्तर तक विकसित हो गए हैं जो कि समाप्ति के बहुत करीब है।