सिविल निर्माण एकक (सीसीयू)

होम > प्रभाग > स्थापना प्रभाग > सिविल निर्माण एकक (सीसीयू) > परिचय

परिचय

भारत सरकार के निर्णयानुसार कि अच्छी मात्रा में वार्षिक सिविल कार्यों के बजट वाले प्रत्येक वैज्ञानिक विभाग का एक अपना ही इंजीनियरिंग एकक होना चाहिए, के सिद्धान्त पर आधारित मार्च, 1987 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अलग से सिविल निर्माण एकक की स्थापना की गयी थी। प्लान योजनाओं से जुड़े कार्यो को शीघ्र कार्यान्वित करने के विचार से सिविल निर्माण एकक स्थापित किया गया था । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के आधीन रहते इस एकक का अलग अस्तित्व है।

इंजीनियरिंग स्टाफ केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से एनकेडर किया गया है जबकि दूसरा स्थापना स्टाफ मंत्रालय से या केंद्रीय लोक निर्माण विभाग या फिर सिविल निर्माण एकक के लिए सीधा भर्ती किया गया है। एकक के दो मुख्य कक्ष हैं अर्थात योजना और निर्माण जो कि भारत सरकार की मूलभूत सुविधाओं का विकास करने वाले प्रीमियर इंजीनियरिंग विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के ढांचे पर बनाये गए हैं । एकक केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ढांचे पर कार्य कर रहा है। सिविल निर्माण एकक को दिए गए निर्माण की गतिविधियों की देखभाल के लिए चार कार्यक्षेत्र एकक, जो मंडल कहलाते हैं, अर्थात तीन की अगवाई कार्यपालक अभियंता (सिविल) द्वारा और एक की कार्यपालक अभियंता(बिजली) द्वारा, स्थापित हैं। उत्तरी भारत में निर्माण गतिविधियों के लिए दो कार्यक्षेत्र एकक दिल्ली में हैं और तीसरा बैंगलोर में स्थित है जो दक्षिणी क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कार्यों को देखता है। पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों के कार्यों का निष्पादन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाता है लेकिन उनकी मॉनिटरिंग इस एकक द्वारा की जाती है। निर्माण कार्यों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सहायक अभियंता (सिविल) और सहायक अभियंता (बिजली)की अगवाई वाले उपमंडल भी दिल्ली में और दिल्ली के बाहर देहरादून, भोपाल, बैंगलोर, कोयंबटूर, अल्मोड़ा और हैदराबाद में स्थित हैं।

वर्तमान में एकक मंत्रालय के एवं उनके दूसरे मुख्य कार्यालय और उनके आधीन कार्यालयों जैसे कि बोटैनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, फॉरेस्ट सर्वे ऑफ़ इंडिया, नेशनल म्यूजियम ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री, इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट्स अकादमी, एनिमल वेलफेयर डिवीज़न और मंत्रालय निधिबद्ध स्वायत्त निकाय जैसे इंडियन कौंसिल ऑफ़ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एडुकेशन, जी० बी० पंत इंस्टिट्यूट ऑफ़ हिमालयन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फारेस्ट मैनेजमेंट, इंडियन प्लाईवुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, सेंट्रल पोलूशन कंट्रोल बोर्ड और सेंट्रल जू अथॉरिटी, के निर्माण कार्यों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। पुरे भारत वर्ष में निर्मित जैसे अल्मोड़ा, देहरादून, जोधपुर जबलपुर, भोपाल ,दिल्ली, मैसूर, बेंगलुरु, कोयंबटूर, हैदराबाद ,शिमला, छिंदवाड़ा इत्यादि में कार्यालयों के भवन, प्रयोगशालाएँ संग्रहालय और रिहाइशी मकानों के भवन पहले से ही अधिकृत हैं।