अनुसंधान और प्रशिक्षण (वानिकी) (आरटी)

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आरटी प्रभाग निम्नलिखित कार्य देखता है

निम्न प्रशासनिक, वित्तीय और अन्य मामले :-

  1. पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के स्वायत्त संगठन:
    • भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा (आईसीएफआरई) परिषद, देहरादून (स्थापन मामलों को छोड़कर)
    • भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आई आई एफ एम), भोपाल (स्थापन मामलों सहित)
    • भारतीय प्लाईवुड उद्योग अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (आईसीएफआरई), बंगलौर (स्थापन मामलों सहित)
  2. निम्न अधीनस्थ कार्यालय:
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनऐफ़ऐ), देहरादून (स्थापन मामलों को छोड़कर)
    • वन शिक्षा निदेशालय (डीएफई), देहरादून (स्थापन मामलों को छोड़कर)

भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का सेवा- कालीन प्रशिक्षण

अन्य विशिष्ट कार्य

  1. वानिकी अनुसंधान परियोजनाओं की जांच
  2. जेआईसीए द्वारा सहायता प्रदान बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना “वन एवं कार्मिक प्रबंधन प्रशिक्षण की क्षमता का विकास”
    • जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के एक नरम ऋण द्वारा सॉफ्ट लोन वित्तपोषित बाह्य सहायता प्राप्त घटक “वन प्रबंधन और कार्मिक प्रशिक्षण की क्षमता का विकास”. घटक की कुल लागत 5 साल और 3 महीने की अवधि के लिए 225.00 करोड़ रुपये है |
    • देश के वन गार्ड और फोरेस्टर्स के वानिकी प्रशिक्षण स्कूलों के बुनियादी ढांचे में ,पाठ्यक्रम मॉड्यूल और शिक्षण प्रणालियो में सुधार इस परियोजना के उद्देश्य हैं |
    • यह पहली केन्द्रीय क्षेत्र ईएपी परियोजना है जिसमे भारत सरकार ने राज्यों को प्रदान किये जा रहे अनुदान से ऋण लिया है. यह परियोजना ग्यारह राज्यों असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में कार्यान्वित की जा रही है |

वानिकी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के विषय में अन्य विविध मामलों

  1. प्रशासनिक ढांचा:-अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रभाग (आर टी) का काम एआईजीएफ (आर टी) और डीआईजीएफ (आर टी) द्वारा संभाला जा रहा है. डीआईजीएफ (आर टी) अपर डीजीएफ (आर टी) (एफसी) को रिपोर्ट करता है जो आगे वन और विशेष सचिव के महानिदेशक को रिपोर्ट करता है |