• NAME:-

    Rewant Ghantiyala
  • EMAIL:-

    ramanghantiyala@gmail.com
  • MOBILE:-

    9828499945
  • ADDRESS:-

    Village- Thalanju,Post-Kalari, Dist & Teh - Nagaur,Rajasthan -341001

Subject:-

मेरे युवा साथियों की पहल से पर्यावरण संरक्षण का मिशाल बना गाँव:- थलांजू ,नागौर ,राजस्थान

Story:-

मेरे युवा साथियों की पहल से पर्यावरण संरक्षण का मिशाल बना गाँव:- थलांजू ,नागौर ,राजस्थान गाँव के कुछ युवाओं साथियों के साथ वर्ष 2013 में जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी बने थे उनके स्वच्छ भारत से प्रभावित होकर राजस्थान की एक अनोखी घटना “खेजडली बलिदान” जिसमे बिश्नोई समाज में 363 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी उसने सिख लेकर गाँव की मुख्य सार्वजानिक जगहों को आज पेड़ पौधों वट वृक्ष बनने की कगार पर है. शिक्षा के मंदिर दिया मुहूर्त रूप:- वर्ष 2014 के शुरुवात में गाँव की सरकारी विधालय से “राजकीय माध्यमिक विधालय थलांजू” से शुरुवात की थी. उस समय बंज़र बन चुकी शिक्षा के मंदिर को लगातार कड़ी मेहनत यानी लगभग 15 ट्रेक्टर ट्रोलियों के साथ 10 घंटे लगातार मैदान तैयार करवाकर समतल करवाया और उसके बाद बंज़र भूमि पर जिसमे 350 से ज्यादा रंग बिरंगे पेड़ – पौधे लगवाए एवं सुरक्षा और पानी पीने की व्यवस्था ड्रिप सिस्टम से करवाकर नागौर तहसील में उत्कृष्ट विद्यालय में सम्मिलित करवाया. विद्यालय प्रागण में बच्चों के झूले /तिसल पटिया और बैठने को टेबल कुर्सी /वाटर कूलर सहित सारी सुविधाएँ उपलब्ध है. ओरण जमींन दिया मुहूर्त रूप:- गाँव की ओरण जमींन जिसकों पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे बेहतरीन जमींन मानी जाती है. इसमें विविध प्रकार के खरपतवार और मिठ्ठी के बड़े बड़े टीबों ने कब्जा कर रखा था उसको समतल करवाया चारों तरफ से तारबंधी और जाली की उत्तम व्यवस्था करके 2 गार्डन “गौसाई वाटिका” एवं शौर्य रोहिड़ा उधान का निर्माण करवाया है.  इनमे कई किस्म के पेड़ पौधे लगा चुके है. शौर्य रोहिड़ा उद्यान में राजस्थान की आन बाण और शान कह जाने वाले रोहिडे के पेड़ लगाए है जिसके कई फायदे है.और बरसात के पानी को रोकने के तालाब का पानी काम आ जाए जिसकी साफ़ सफाई और देखभाल की गई. गोचर /चारागाह जमींन दिया मुहूर्त रूप:- वर्ष 2015 में मेरे साथीगण और बड़े भाई पर गोचर जमींन पर अतिक्रमण करने वाले कुछ बदमाशों ने हमला करके जान से मारने की कोशिस की थी लेकिन प्रकृति को कुछ ओर ही मंजूर था हमने न्यायिक प्रक्रिया से लड़कर बदमाशों से गोचार मुक्त करवाई उसमे कुछ हिस्से समतल करके कई किस्मे के पेड़ - पौधे लगाएं है तथा गोचर विकसित में आवारों के पशुओं के आतंक को समाप्त करने और गोवंश को बचाने के अभी थोड़ी जगह पर सेवन /धामन घास लगाई है इस घास की खास बात है यह महीने भर वापिस खाने लायक हो जाती है. ग्राम वन महोत्सवों की पहल से आस पास गाँवो में पेड़ पौधो के लिए लहर चला दी. में ओर मेरे साथीगण 5 जून यानि विश्व पर्यावरण दिवस की जागरूकता और प्रकृति बचाने की मुहिम पर जगह- जगह सोशल मिडिया में माध्यम से कुछ फण्ड एकत्रित करते है जिसका एक पर्व जुलाई के महीने में मनाते है जिसमे पुरे गाँव के ग्रामीण और आस पास के कई गाँवो के पर्यावरण प्रेमी इसमें सम्मिलित होते है. गाँव में पधारे हुए समस्त ग्रामीणों को पेड़ वितरित करते है एवं अनेकों जगह पर एक साथ पौधरोपण करते है. लगातार 3 साल में तीन पर्व होली एवं दिवाली जैसे हर्सौल्लास के साथ मना चुके है जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैली है एवं आस पास कई गाँवो में ग्रामीण खुद छोटी -छोटी टीमें बनाकार पौधरोपण करते है. मुख्य प्रोजेक्ट जो अभी पर्यावरण के बाकी है :- 1.गाँव में बरसात के पानी को एकत्रित करके पेड़ पौधों /मानव हित में काम लेने हेतु. 2.गोचर जमींन पर हजारों की तादाद में पेड़ -पौधे लगाकर गाँव को आत्मनिर्भर बनाना. 3.ग्राम वन महोत्सव को राज्य स्तर पहचान दिलाकर सभी गाँवो ऐसी छोटी छोटी टीमों के घट्न करवाकर पर्यावरण संरक्षण को बचाना

Download attachment-

Download

Attached images